Sunday, February 28, 2010

इक ख़त लिखूँ तेरे नाम का !!!


दिल    पे   गुज़रे   हालात  लिखूँ
तेरी   यादों    की  बरसात  लिखूँ


इक  ख़त   लिखूँ   तेरे  नाम  का
ख़त  में  अपने   ज़ज्बात   लिखूँ
 

मेरी  लफ़्ज़ों   की  तहरीर हो तुम
मैं   नग्मों    की   बारात   लिखूँ


मेरी सामो-सहर अब कटती नहीं
क्या दिन लिखूं   क्या रात लिखूँ


तन्हाई तले     तेरा  ख्याल  डसे
इक ख़त मे   कैसे हर बात लिखूँ 


* तहरीर -- लिखावट
*सामो-सहर -- सुबह-शाम 


      
------  शायर  " अशोक " 

           

             

19 comments:

गिरीश बिल्लोरे मुकुल अब पॉडकास्टर said...

Shubh kamanare

Nikhil kumar said...

मेरी सामो-सहर अब कटती नहीं
क्या दिन लिखूं क्या रात लिखूँ

nicely written ............

आमीन said...

बहुत अच्छा लिखा है

माणिक said...

नमस्कार
ब्लोगिंग की दुनिया में भरापूरा स्वागत करते हैं.आपके ब्लॉग पर आकर कुछ सार्थकता लगी है.यूहीं लगातार बने रहें और बाकी के ब्लोगों पर सफ़र करके अपनी राय जरुर लिखें.यही जीवन है.जो आपको ज्यादा साथियों तक जोड़ पायेगा.

सादर,

माणिक
आकाशवाणी ,स्पिक मैके और अध्यापन से सीधा जुड़ाव साथ ही कई गैर सरकारी मंचों से अनौपचारिक जुड़ाव
http://apnimaati.blogspot.com
http://maniknaamaa.blogspot.com

अपने ब्लॉग / वेबसाइट का मुफ्त में पंजीकरण हेतु यहाँ सफ़र करिएगा.
http://apnimaati.feedcluster.com/

शाहिद मिर्ज़ा ''शाहिद'' said...

इक ख़त लिखूँ तेरे नाम का
ख़त में अपने ज़ज्बात लिखूँ

अच्छी रचना है...हालांकि सुधार और बेहतर किये जाने की गुंजाइश हमेशा रहती है..
शुभकामनाएं....
मेरे शायरी के ब्लॉग
जज़्बात पर भी तशरीफ़ लाईयेगा.
शायद आपको अच्छा लगे....

अजय कुमार said...

हिंदी ब्लाग लेखन के लिए स्वागत और बधाई
कृपया अन्य ब्लॉगों को भी पढें और अपनी बहुमूल्य टिप्पणियां देनें का कष्ट करें

विजय प्रकाश सिंह said...

स्वागत,

अच्छा लिखा है, आशा है आगे भी आप के लेखन से ब्लॉग जगत लभान्वित होता रहेगा ।

manish badkas said...

क्या तेरा क्या मेरा..

क्या पाना क्या खोना..,

सब ख्याल हैं बस..

इश्क और मौत से पहले के..!!

Shayar Ashok said...

शुक्रिया दोस्तों ,
आपका स्नेह और आशीर्वाद चाहिए ||

माँ सरस्वती के आशीर्वाद से हम,
और अच्छी रचनाएं लिखने की कोशिश करेंगे !!

धन्यवाद .............

Ratan Singh Shekhawat said...

ब्लॉग जगत में आपका स्वागत है।

JHAROKHA said...

Bahut khoobasurat rachana hardik badhai sveekaren.

saurabh said...

kam lafzo me gahrai se apni bat rakhne ki khobi najar ayi........apko badhai ho badhai

जयराम “विप्लव” { jayram"viplav" } said...

कली बेंच देगें चमन बेंच देगें,

धरा बेंच देगें गगन बेंच देगें,

कलम के पुजारी अगर सो गये तो

ये धन के पुजारी वतन बेंच देगें।

हिंदी चिट्ठाकारी की सरस और रहस्यमई दुनिया में राज-समाज और जन की आवाज "जनोक्ति "आपके इस सुन्दर चिट्ठे का स्वागत करता है . . चिट्ठे की सार्थकता को बनाये रखें . नीचे लिंक दिए गये हैं . http://www.janokti.com/ , साथ हीं जनोक्ति द्वारा संचालित एग्रीगेटर " ब्लॉग समाचार " http://janokti.feedcluster.com/ से भी अपने ब्लॉग को अवश्य जोड़ें .

jayanti jain said...

your emotions and expressions, great

संगीता पुरी said...

इस नए चिट्ठे के साथ हिंदी ब्‍लॉग जगत में आपका स्‍वागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!

Shail said...

very nice

rupali said...

अच्छी रचना है...!

pragya pandey said...

हर बात सुंदर है और हर एहसास को आपने बड़ी नरमी से शब्दों में चित्रित किया है ... बधाई

वन्दना said...

तन्हाई तले तेरा ख्याल डसे
इक ख़त मे कैसे हर बात लिखूँ

vaah ..........kyaa baat kah di.